क्या गर्भावस्था के दौरान मिट्टी खाना हानिकारक है?HealthPlanet

Posted on Thu 13th Oct 2022 : 12:06

महिलाओं में औसतन मिलता है 6 से 8 ग्राम ही खून, 12 ग्राम होना चाहिए
जिलेकी लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं में खून की मात्रा काफी कम मिलती है। गर्भवती महिलाओं में औसतन 12 ग्राम खून होना चाहिए। मगर जांच के दौरान महिलाओं में 6 से 8 ग्राम खून ही मिल रहा है। यही सर्जरी से डिलीवरी होने का भी सबसे बड़ा कारण बन रहा है। खून की कमी के कारण गर्भ में बच्चे का सही प्रकार से विकास नहीं हो पाता।

स्वास्थ्य विभाग देता है गर्भवती महिलाओं को 360 गोलियां : डिप्टी सिविल सर्जन
स्वास्थ्यविभाग गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की तरफ काफी ध्यान देता है। गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार सीएचसी पीएचसी स्तर पर कैंप लगाती है। बच्चे के शरीर के पूरे अंग बनने के लिए फोलिक एसिड दवा दी जाती है। तीन माह के बाद इन्हें कैल्शियम आयरन की गोलियां दी जाती हैं। डिलीवरी होने तक प्रत्येक महिला के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर 360 गोलियां पहुंचती हैं। इतनी ही गोलियां उनकी डिलीवरी के बाद उन्हें दी जाती हैं। मगर जागरूकता की कमी लापरवाही के कारण अब भी 70 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी है। विभाग अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहा है। डॉ.निशि जिंदल, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत
‘गर्भ में पल से बच्चे के स्वास्थ्य के लिए सबसे अहम जच्चा का स्वस्थ रहना है’।

गर्भ में पल से बच्चे के स्वास्थ्य के लिए सबसे अहम जच्चा का स्वस्थ रहना है। महिलाओं गर्भावस्था में खाने पीने में काफी लापरवाही बरतती हैं। खाने में फल सब्जियां लेने की बजाय मुल्तानी मिट्टी, चूल्हे की मिट्टी कोयले जैसी चीजें खाकर खुद को नुकसान पहुंचा रही हैं। शरीर में खून कम होने के कारण बच्चे कमजोर पैदा होते हैं। यह गैर खाद्य वस्तुएं हैं इसलिए यह विटामिन मिनरल को बनने से रोकती हैं।

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